Deepfake और AI कंटेंट पर रोक लगाने की सर्कार की तय्यारी: जानिए क्या हैं नए नियम

Deepfake Update: आज के डिजिटल युग में टेक्नोलोजी ने जीवन के हर क्षेत्र में क्रांति ला दी है। लेकिन इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। खासकर Deepfake वीडियो और अन्य AI-जनरेटेड कंटेंट ने फर्जी जानकारी के जुनून को बढ़ावा दिया है। यह समस्या अब दिन ब दिन बढाती जा रही है, इसी समस्या को लेकर भारत सरकार ने नए नियमों का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत AI कंटेंट की लेबलिंग अनिवार्य हो जाएगी।

ये पढ़ना चाहिए: Free AI Learning 2025: Google से लेकर Microsoft तक, अब हर कोई सीख सकता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

नए नियमों का उद्देश्य क्या है?

सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि डिजिटल दुनिया में नकली सामग्री की पहचान हो सके और यूजर्स को जागरूक किया जा सके। इस व्यवस्था से लोग यह समझ सकेंगे कि जो कंटेंट वे देख रहे हैं वह वास्तविक है या AI द्वारा संशोधित या निर्मित किया गया है। इस कदम से Deepfake और फर्जी वीडियो से होने वाले नुकसान को कम करने और सामाजिक विश्वास को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

ये पढ़ना चाहिए: OpenAI ने लॉन्च किया ChatGPT Atlas: जानिए Chrome और Safari को टक्कर देने वाले 5 फीचर्स

नए नियम क्या-क्या होंगे?
  • 50 लाख से ज्यादा यूजर्स वाले बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे यूट्यूब, फेसबुक, एक्स) को AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान करने और उस पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा।
  • AI से तैयार की गई वीडियो, इमेज या ऑडियो पर स्थायी और स्पष्ट लेबल (वॉटरमार्क) लगाना अनिवार्य होगा, जो वीडियो स्क्रीन के कम से कम 10% हिस्से को कवर करे या ऑडियो में शुरुआत के 10% हिस्से में सुनाई या दिखाई दे।
  • यह लेबल हटाना या बदलना आसान नहीं होगा और प्लेटफॉर्म को इसकी निगरानी करना होगी।
  • कंटेंट अपलोड करने वाले यूजर से यह घोषणा लेना अनिवार्य होगा कि जो सामग्री वे डाल रहे हैं वह AI द्वारा जेनरेटेड या सिंथेटिक है।
  • यदि कोई AI जेनरेटेड वीडियो या ऑडियो में कम से कम 10% वास्तविक हिस्सा नहीं होता है, तो उसे भी चिन्हित करना जरूरी होगा।
  • इस कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ये पढ़ना चाहिए: OpenAI का Sora 2: TikTok जैसा सोशल ऐप, जहां हर वीडियो होगा पूरी तरह AI द्वारा जनरेट

किस पर लागू होंगे ये नए नियम?

ये नियम उन सोशल मीडिया कंपनी और प्लेटफॉर्म्स पर लागू होंगे जिनके यूजर बेस 50 लाख से अधिक हैं। ऐसी कंपनियों को अपने सिस्टम में ऐसे तकनीकी उपाय रखने होंगे, जिससे वे नकली या संशोधित AI कंटेंट को Detect और Label कर सकें। इसके साथ ही AI टूल डेवलपर्स को भी अपने सिस्टम में स्वचालित लेबलिंग करने के प्रावधान जोड़ने होंगे।

सरकार की नीति: तकनीक को बढ़ावा, लेकिन निगरानी आवश्यक

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के अनुसार, भारत की नीति “इनोवेशन फर्स्ट” की है। इसका मतलब है कि तकनीक को पहले बढ़ावा दिया जाएगा, पर साथ ही जहां जरूरी हो वहां नियम भी बनाए जाएंगे। कार्रवाई केवल अवैध या कानून-विरोधी सामग्री पर होगी, न कि केवल AI कंटेंट होने पर। इसलिए ये नए नियम तकनीकी नवाचार और जिम्मेदारी का संतुलन बनाएंगे।

सुझाव मांगने की प्रक्रिया जारी

सरकार ने इस प्रस्तावित मसौदे पर आम जनता, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। इस पर फीडबैक देने की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2025 तय की गई है। सुझाव मिलने के बाद इन नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। अभी तक बातचीत चालू है।

Deepfake से होने वाली समस्याओं का समाधान

Deepfake वीडियो में किसी की आवाज या चेहरा नकली रूप से दर्शाकर गलत सूचना फैलाना, धोखाधड़ी करना, राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। नए नियमों से इस तरह के फर्जी कंटेंट पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। इससे न केवल गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सकेगा, बल्कि आम जनता को भी बेहतर समझ मिलेगी कि कौन सा कंटेंट विश्वसनीय है।

निष्कर्ष

भारत सरकार के AI कंटेंट और Deepfake नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पारदर्शिता बढ़ाने और यूजर्स को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इसमें तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही फेक कंटेंट से होने वाले नुकसान को कम करने का संतुलन साधा गया है। आने वाले समय में ये नियम कैसे लागू होते हैं और उनका प्रभाव कैसा पड़ता है, यह देखना होगा लेकिन सरकार का यह कदम निश्चित रूप से डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगी।

यदि आप Deepfake इस विषय पर और गहराई में जानकारी चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं तो 6 नवंबर 2025 तक सरकार की वेबसाइट पर अपनी राय दे सकते हैं। मौका हाथ से जाने मत देना।

Disclaimer:

इस ब्लॉग पर प्रकाशित सभी खबरें, जानकारी और लेख केवल सामान्य जानकारी एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं। Special Prime News किसी भी प्रकार की त्रुटि, अशुद्धि या जानकारी में परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। Sources: Navbharat Times The Indian Express

Leave a comment