OpenAI ने 21 अक्टूबर 2025 को ChatGPT Atlas नामक वेब ब्राउज़र लॉन्च किया है। इस नए ब्राउज़र में मुख्य रूप से यह कोशिश की गई है कि हमारे वेब-ब्राउज़िंग अनुभव को पारंपरिक ब्राउज़र से हटकर एक “सहायक” के रूप में बनाया जाए -जहाँ आप सिर्फ वेबसाइट खोलें नहीं, बल्कि उस पेज पर सक्रिय रूप से संवाद कर सकें, पूछ सकें, सीधी मदद ले सकें।
ChatGPT Atlas एक नया AI-पावर्ड वेब ब्राउज़र है जिसे OpenAI ने लॉन्च किया है। यह सामान्य ब्राउज़र से अलग है क्योंकि इसमें ChatGPT की AI तकनीक सीधे ब्राउज़र के अंदर मौजूद है। इससे आप ब्राउज़िंग करते समय किसी भी वेबसाइट पर सवाल पूछ सकते हैं, जानकारी का सारांश पा सकते हैं, और AI की मदद से काम भी करवा सकते हैं। फिलहाल यह मैकओएस के लिए उपलब्ध है और जल्द ही विंडोज, आईओएस व एंड्रॉयड पर भी आएगा। यह ब्राउज़र इंटरनेट सर्फिंग को आसान, स्मार्ट और पर्सनल बनाता है।
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क्या है ChatGPT Atlas?
- ChatGPT Atlas एक ब्राउज़र है जिसे OpenAI ने विकसित किया है, जिसमें ब्राउज़िंग अनुभव के भीतर ही ChatGPT (या उससे जुड़ी AI) अंतःस्थापित (integrated) है।
- शुरुआत में यह macOS के लिए उपलब्ध हुआ है, और बाद में Windows, iOS, Android पर आने की बात कही गई है।
- सूत्रों के अनुसार यह ब्राउज़र क्रोमियम (Chromium) इंजन पर आधारित बताया जा रहा है, ताकि अधिकतर वेबसाइटों और एक्सटेंशन के साथ आसान (compatible) हो सके।
- उपयोगकर्ता किस तरह से ब्राउज़ करते हैं, किस पेज पर हैं, यह जानकारी (context) AI के पास जाएगी (यदि आपने अनुमति दी हो) — ताकि ब्राउज़िंग और चैट दोनों का अनुभव सहज हों।
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मुख्य विशेषताएँ
- साइडबार चैट इंटरफ़ेस
इस ब्राउज़र में एक चैट पैनल (sidebar) होगा जिसमें आप किसी वेबसाइट पर मौजूद सामग्री के बारे में सवाल पूछ सकते हैं — उदाहरण के लिए “इस पेज का सार बताओ”, “इसमें कौन-से मुख्य बिंदु हैं?”, “इस टेबल से डेटा निकालो” आदि इस प्रकार के। - ब्राउज़र मेमोरी (Browser Memories)
यूजर्स यदि चाहें, तो ब्राउज़र में AI को यह याद रखने की अनुमति दे सकते हैं कि आपने किन वेबसाइट-पेजों पर देखा था, किन लिंक पर क्लिक किया था, किस विषय में पढ़ रहे थे। इसके बाद से AI उस संदर्भ (context) को उपयोग कर बेहतर सुझाव दे सकती है।
साथ ही, यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक (optional) है, और उपयोगकर्ता को इस पर नियंत्रण दिया गया है -जैसे की History डिलीट करना, मेमोरी बंद करना आदि। - एजेंट मोड (Agent Mode)
यह एक विकसित फीचर है, जो फिलहाल भुगतान किये यूजर्स (Plus, Pro, Business) के लिए उपलब्ध है। इस मोड में AI आपकी ओर से कुछ क्रियाएँ कर सकती है -जैसे शोध करना, खरीदारी के लिए उपयुक्त साइट्स खोजना, टिकट बुक करना आदि। - बुकमार्क, पासवर्ड और हिस्ट्री इम्पोर्ट
यदि आप पहले से किसी अन्य ब्राउज़र (Chrome, Safari आदि) का उपयोग कर रहे थे, तो आप बुकमार्क, पासवर्ड, ब्राउज़िंग इतिहास आदि नए ChatGPT Atlas में इम्पोर्ट कर सकते हैं।
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ChatGPT Atlas उपयोग कैसे करें
- पहले अपने मैक (macOS) में उपलब्ध संस्करण डाउनलोड करें।
- ChatGPT खाता (account) से साइन-इन करें।
- आवश्यकता हो तो अपनी पुरानी ब्राउज़र से बुकमार्क, पासवर्ड व हिस्ट्री इम्पोर्ट करें।
- जब आप किसी वेबसाइट पर हों, तो साइडबार में चैट बॉक्स खोलें और उस पेज से सम्बन्धित प्रश्न पूछें -जैसे “इस आर्टिकल को ३ लाइन में बताओ”, “इन कीमतों का तुलना करो”, “क्या यह विश्वसनीय स्रोत है?” आदि।
- यदि चाहें तो ब्राउज़र मेमोरी को सक्षम करें ताकि AI को आपके उपयोग की आदतें, पसंद-नापसंद याद रहें। लेकिन निजी जानकारी या संवेदनशील डेटा साझा करने से पहले सावधानी रखना जरुरी है।
- एजेंट मोड का इस्तेमाल करें अगर आप Plus/Pro/Business सदस्य हैं — लेकिन ध्यान दें कि यह सुविधा अभी सामान्य उपयोगकर्ताओं के मुकाबले सीमित है।
ChatGPT Atlas फायदे
- समय की बचत: एक ही विंडो में ब्राउज़र खोलते वक्त आपको अलग से ChatGPT खोलने-पेस्ट करने की जरूरत नहीं है।
- संदर्भ-सहायता (Contextual assistance): जिस पेज पर आप काम कर रहे हैं, AI उसे “देख” सकती है और उसी के आधार पर सुझाव भी दे सकती है।
- बेहतर उत्पादकता: शोध, लेखन, कीमत तुलना, सारांश निकालने आदि कामों में मदद मिल सकती है -खासकर विध्यार्ती, पेशेवरों और वेब-सर्चर्स के लिए।
- प्राइवसी कंट्रोल: ब्राउज़र मेमोरी को उपयोगकर्ता नियंत्रित कर सकते हैं। History हटाना, मेमोरी बंद करना संभव है।
- प्रतिकूल प्रतिस्पर्धा व नवोन्मेष: यह ब्राउज़र वैसा नहीं है जैसे पहले से मौजूद था यह AI-सहायता वाला नया मॉडल पेश करता है।
ChatGPT Atlas: चुनौतियाँ और संभावित जोखिम
- प्राइवेसी एवं डेटा सुरक्षा: भले ही मेमोरी विकल्प वैकल्पिक हो, लेकिन AI-सहायता ब्राउज़र अनुभव में डेटा संग्रह और उपयोग की संभावना बढ़ती है -उपयोगकर्ता को यह समझना होगा कि कौन-सी जानकारी साझा कर रही है।
- विश्वसनीयता एवं स्रोत-ट्रैफिक पर प्रभाव: यदि AI लगातार सामग्री का सारांश प्रस्तुत करेगी, तो उपयोगकर्ता सीधे स्रोत साइट्स पर नहीं जाएंगे -जिससे वेबसाइट मालिकों और समाचार-स्रोतों की ट्रैफिक कम हो सकती है।
- प्रतिस्पर्धा एवं ब्राउज़र-मार्केट: Google Chrome जैसी स्थापित ब्राउज़र के खिलाफ खड़े होना आसान नहीं है -उपयोगकर्ता-आदतें, एक्सटेंशन-इकोसिस्टम आदि बड़ी बाधाएँ हैं।
- AI निर्भरता: उपयोगकर्ता बहुत अधिक निर्भर हो सकते हैं -जैसे कि “बस AI मुझसे कर दे” -जिससे उनकी स्वयं की जांच-पड़ताल और स्रोत-खोजना कम हो सकती है।
- पहला चरण, सीमित प्लेटफॉर्म: अभी उपलब्धता केवल MacOS तक सीमित है -Windows, Android, iOS पर आने में समय लगेगा।
ChatGPT Atlas: भारत-विशेष महत्त्व
भारत में इंटरनेट उपयोग बढ़ रहा है और लोग स्मार्टफोन, लैपटॉप पर वेब बहुत उपयोग करते हैं। ऐसे में ChatGPT Atlas जैसे ब्राउज़र का आगमन उपयोगकर्ताओं के लिए नया विकल्प दे सकता है।
हिंदी व क्षेत्रीय भाषा उपयोगकर्ताओं के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AI संवाद और सुझाव हिंदी सहित अन्य भाषाओं में कितना समर्थ है।
डेटा-सुरक्षा, निजीकरण और भाषा-सहायता के दृष्टिकोण से भारतीय उपयोगकर्ताओं को सावधान रहना होगा -विशेषकर जब ब्राउज़र आपके पिछले ब्राउज़िंग हिस्ट्री, पसंद-नापसंद को मेमोरी में रखे।
शिक्षार्थियों, शोध-कर्ता, फ्रीलांसर के लिए यह एक लाभदायक उपकरण साबित हो सकता है लेकिन उसे स्रोत-जागरूकता के साथ प्रयोग करना चहिये।
निष्कर्ष: ChatGPT Atlas
ChatGPT Atlas एक नया बदलाव है ब्राउज़र-जगत में -जहाँ वेब सर्फिंग केवल “वेबसाइट खोलना” नहीं, बल्कि “इंटरैक्टिव असिस्टेंट के साथ काम करना” बन जाती है। OpenAI ने इसे एक अवसर माना है कि वेब-ब्राउज़र को फिर से परिभाषित किया जाए, न कि सिर्फ एक खूबसूरत यूआई खोलने का साधन।
भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए यह देखें कि कब यह Windows/Android पर उपलब्ध होगा, और इसे कैसे सुरक्षित-सतर्क रूप से उपयोग किया जाए -क्योंकि नए फीचर्स के साथ नई जिम्मेदारियाँ भी आती हैं।
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