Green Diwali 2025: पर्यावरण को बचाते हुए त्योहार मनाने के 7 आसान तरीके

हर साल दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्साह का प्रतीक होता है। लेकिन तेज़ पटाखों, प्लास्टिक सजावट और बिजली की अधिक खपत से पर्यावरण पर भारी असर पड़ता है। इसीलिए अब समय है “Green Diwali” यानी पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने का।

Green Diwali 2025 का मकसद है -खुशियों को बढ़ाना लेकिन प्रदूषण को घटाना। आइए जानते हैं इस दिवाली को पर्यावरण के साथ कैसे मनाया जा सकता है।

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(1) पटाखों की जगह इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाएं

तेज़ आवाज़ वाले पटाखे न केवल वायु प्रदूषण बढ़ाते हैं बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी करते हैं। इस बार ग्रीन क्रैकर्स या LED लाइट क्रैकर्स चुनें। आप बच्चों के लिए पेपर स्पार्कलर या बबल मशीन जैसे मज़ेदार विकल्प रख सकते हैं। इससे मज़ा भी रहेगा और प्रदूषण भी कम होगा।

(2) मिट्टी के दीयों से घर सजाएं

प्लास्टिक या बिजली के लाइट्स की जगह मिट्टी के दीये जलाएं। ये प्राकृतिक होते हैं और स्थानीय कुम्हारों की आजीविका में भी मदद करते हैं। सरसों या तिल के तेल का प्रयोग करें -ये हवा को कम प्रदूषित करते हैं। घर में दीयों की रोशनी एक अलग ही शांति और सकारात्मकता लाती है।

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(3) प्राकृतिक सजावट अपनाएं

प्लास्टिक की माला या ग्लिटर वाली सजावट की बजाय -ताज़े फूल, केले के पत्ते, आम के पत्ते, पेपर क्राफ्ट या रीसायकल की गई सजावट का उपयोग करें। पुराने कपड़ों या अखबार से खूबसूरत तोरण बना सकते हैं। इससे कचरा कम होगा और घर भी सादगी भरी सुंदरता से चमकेगा।

(4) घर का बना खाना और मिठाई साझा करें

बाज़ार की पैक्ड मिठाइयों में प्लास्टिक पैकिंग और केमिकल्स होते हैं। इस बार घर में ही घी, गुड़ और सूखे मेवों से बनी मिठाई बनाएं। रिश्तेदारों को रीयूजेबल जार या बॉक्स में गिफ्ट करें। ये स्वस्थ, स्वादिष्ट और पर्यावरण के लिए बेहतर है।

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(5) इको-फ्रेंडली गिफ्ट्स दें

प्लास्टिक गिफ्ट्स की जगह दें -पौधे (जैसे मनी प्लांट, तुलसी, एलोवेरा) हैंडमेड क्राफ्ट्स या ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, रीसायकल पेपर पर लिखे शुभकामना कार्ड्स इससे आपकी गिफ्ट्स “ग्रीन मैसेज” भी फैलाएंगी।

(6) बिजली की बचत करें

LED बल्ब्स या सोलर लाइट्स से घर सजाएं। ज़रूरत न हो तो लाइट्स बंद रखें। इससे बिजली बचेगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा। सोलर लाइट्स आजकल सस्ते और सुंदर डिज़ाइनों में मिलते हैं।

(7) कचरा न फैलाएं, रीसायकल करें

त्योहार के बाद अक्सर सड़कों पर ढेर सारा कचरा दिखता है। अलग-अलग डिब्बों में गीला और सूखा कचरा रखें। प्लास्टिक, फॉयल, फूल, मिट्टी के दीये आदि को रीसायकल करें। इससे आपका त्योहार सच में “स्वच्छ दिवाली, हरित दिवाली” बनेगा।

निष्कर्ष

दिवाली सिर्फ पटाखों और रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि एकता, प्रेम, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक भी है। यह वह समय है जब हम न सिर्फ अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं, बल्कि अपनी सोच को भी सकारात्मकता और जागरूकता से जगमगाते हैं।

अगर हर परिवार थोड़ा-सा बदलाव करे -जैसे मिट्टी के दीयों का उपयोग, पेड़-पौधे उपहार में देना, बिजली की बचत करना और कचरे को सही तरीके से निपटाना -तो हम मिलकर प्रदूषण-मुक्त और हरित भारत की दिशा में बड़ा कदम उठा सकते हैं।

दिवाली का असली अर्थ यही है कि हम अंधकार पर प्रकाश की जीत मनाएं -और इस बार यह प्रकाश प्रकृति की रक्षा के रूप में भी चमके। आइए, Green Diwali 2025 को एक नई शुरुआत बनाएं जहाँ खुशियाँ भी हों और धरती भी मुस्कुराए।

शुभकामनाएं

आपको और आपके पूरे परिवार को Green Diwali 2025” की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिवाली आपके जीवन में नई रोशनी, खुशियाँ और शांति लेकर आए, आइए इस बार ऐसी दिवाली मनाएं, जो सिर्फ हमारे घरों को नहीं बल्कि धरती को भी उजाला दे। मिट्टी के दीयों से घर सजाएं, पेड़ों की तरह खुशियाँ फैलाएं और अपने आसपास सफाई बनाए रखें।

याद रखें, असली दिवाली वही है जो खुशियों के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी करे।
जब हम छोटे-छोटे बदलाव करते हैं — जैसे ग्रीन पटाखों का चयन, सोलर लाइट्स का इस्तेमाल, या प्लास्टिक से दूरी — तब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर भारत छोड़ जाते हैं।

तो इस बार संकल्प लें कि हम सब मिलकर हरित और स्वच्छ दिवाली” मनाएंगे। अपनों को भी इसके लिए प्रेरित करें और सोशल मीडिया पर संदेश फैलाएं –#GreenDiwali2025 #SwachhDiwali #EcoFriendlyFestival

आइए, इस दिवाली खुशियाँ जलाएं, प्रकृति नहीं।

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